BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'

रविवार, 29 सितंबर 2013

बचपन की यादें







ढूंढती नानी
खो गयी जाने कहाँ ..
एक कहानी 

लदे है दिन
राजा रानी के संग
नानी दादी के

तितलियों सी 
बचपन की यादें 
हाथ न आती 

आज भी खेले 
बचपन की यादें 
गली मोहल्ले




गुड़िया रानी 
जली मोमबतियां 
बची कहानी 

बरखा रानी 
कागज़ की है नैया 
भिगोना नहीं 

यादो की कश्ती
हिय सिन्धु तैरती 
मंथर गति